{"product_id":"darra-darra-himalaya-hindi","title":"Darra Darra Himalaya (Hindi)","description":"\u003ch5\u003eSPECIFICATION:\u003c\/h5\u003e \u003cul\u003e \u003cli\u003ePublisher : Rajkamal Prakashan\u003c\/li\u003e \u003cli\u003eBy : Ajoy Sodani\u003c\/li\u003e \u003cli\u003eCover : Paperback\u003c\/li\u003e \u003cli\u003eLanguage : Hindi\u003c\/li\u003e \u003cli\u003eEdition : 2014\u003c\/li\u003e \u003cli\u003ePages : 155\u003c\/li\u003e \u003cli\u003eWeight : 750 g.\u003c\/li\u003e \u003cli\u003eSize : 7.9 x 5.5 x 1.6 inches\u003c\/li\u003e \u003cli\u003eISBN-10: 8126726725\u003c\/li\u003e \u003cli\u003eISBN-13: 978-8126726721\u003c\/li\u003e \u003c\/ul\u003e \u003ch5\u003eDESCRIPTION:\u003c\/h5\u003e \u003cbr\u003eदर्रा दर्रा हिमालय' एक परिवार की हिमालय पर घुमक्कड़ी का वृत्तान्त है| ऐसा परिवार जो फुरसत के क्षणों में विदेशों को सैर के बजाय बर्फ ढंके इन पहाड़ों को वरीयता देता है| इंदौर के अजय सोडानी को हिमालय की सर्द, मनोहारी और जानलेवा वादियों से गहरा अनुराग है| काल्पनिक से लगनेवाले सौन्दर्यशाली पहाड़ों पर सपरिवार चढ़ाई और बर्फ के गगनचुम्बी शिखरों को दर्रा-दर्रा महसूस करने के दौरान प्रकृति के मनोरम स्पर्श से भीगे तन-मन कई बार मौत के मुकाबिल भी रहे, लेकिन जिंदगी के पन्ने पर हौसले की स्याही से साहस की गाथा रचने वाले मौत की परवाह कहाँ करते| जनश्रुतियों और पौराणिक ग्रंथो में चर्चित स्थलों और मार्गों की सत्यता को परखने, हिमालय और वहां के जनजीवन के विलुप्तप्राय सौन्दर्य को निहारने-समझने की उत्कंठा में करीब बीस हजार फीट की ऊंचाई वाले कालिंदी खाल पास को लांघते हुए भी मौत का भय बर्फ की तरह पिघलता रहा| हिमालय की घाटियों में विचरती वायु में जाने ऐसा क्या था कि अजय बार-बार वहां लौटे और हर बार हिमालय की दी हुई एक नई चुनौती को स्वीकार किया| 'दर्रा दर्रा हिमालय' अपनी राष्ट्रिय धरोहरों और प्रतीकों के प्रति अनुरक्ति वाले मानस की साहसिक यायावरी की गाथा तो कहती ही है, साथ ही रोज-ब-रोज बढती प्रदूषण की समस्या और पर्यावरण संरक्षण पर उसकी चिंता से भी रू-ब-रू कराती है |\u003cbr\u003e\u003cbr\u003e\u003cstrong\u003eAbout the Author\u003c\/strong\u003e\u003cbr\u003e\u003cbr\u003eअजय सोडानी का जन्म 8 अप्रैल, 1961 को इंदौर में हुआ। इनकी प्रारम्भिक शिक्षा इंदौर के वैष्णव स्कूल में हुई तथा इन्होंने एम.जी.एम. मेडिकल कॉलेज, इंदौर से ही एम.बी.बी.एस. तथा एम.डी. की उपाधि प्राप्त की।\u003cbr\u003eभ्रमण करना इनके जीवन का विशेष पक्ष रहा है। इन्होंने शहरों से इतर, भारत के सुदूर इलाकों में भी सपत्नीक पैदल भ्रमण करने का गौरव हासिल किया है।\u003cbr\u003eअपनी यात्राओं के दौरान अर्जित अनुभवों को कविता, निबन्ध, छायाचित्र तथा कहानियों का रूप देने वाले अजय सोडानी देश की विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में निरन्तर प्रकाशित व प्रशंसित होते रहे हैं।\u003cbr\u003eअपनी विशिष्टता के कारण ही इनकी यात्राएँ 'लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड्स—2006 तथा 2011 में दर्ज की जा चुकी हैं।\u003cbr\u003eचिकित्सा से इतर अजय सोडानी की इससे पहले 'दर्रा-दर्रा हिमालय’ यात्रा-वृत्तान्त की पुस्तक छप चुकी है।\u003cbr\u003eफिलहाल वे 'एम्स’, नईदिल्ली में डी.एम. व न्यूरोलॉजी के रूप में कार्यरत हैं।\u003cbr\u003eसम्पर्क: 42, कालिंदी कुञ्ज\u003cbr\u003eइन्दौर- 452016.","brand":"Crazyshelf Store","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":50855685816618,"sku":"GANGA-02369","price":27.99,"currency_code":"USD","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0693\/1218\/4618\/files\/41T3oUppOsL.jpg?v=1763635627","url":"https:\/\/crazyshelf.com\/products\/darra-darra-himalaya-hindi","provider":"Crazyshelf.com","version":"1.0","type":"link"}