Jain Mantra Mahavigyan
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जनà¥à¤® तिथिः-13 दिसमà¥à¤¬à¤°, 1952
 जनà¥à¤® सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤ƒ-महका पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸ सà¥à¤¥à¤² टड़ा (जि. सागर म. पà¥à¤°.)
शिकà¥à¤·à¤¾à¤ƒ-शासà¥à¤¤à¥à¤°à¥€, जà¥à¤¯à¥‹à¤¤à¤¿à¤·à¤¾à¤šà¤¾à¤°à¥à¤¯, आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¾à¤šà¤¾à¤°à¥à¤¯, संहितासूरि
बà¥à¤°à¤¹à¥à¤®à¤šà¤°à¥à¤¯ दीकà¥à¤·à¤¾à¤ƒ-सनॠ1969 जयपà¥à¤° चातà¥à¤°à¥à¤®à¤¾à¤¸ में आचारà¥à¤¯ धरà¥à¤® सागर जी महाराज से बà¥à¤°à¤¹à¥à¤®à¤šà¤°à¥à¤¯ दीकà¥à¤·à¤¾ गà¥à¤°à¤¹à¤£ की।
तà¥à¤¯à¤¾à¤— à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ à¤à¤µà¤‚ संयमित जीवनः- 14 की उमà¥à¤° से आचारà¥à¤¯ शà¥à¤°à¥€ धरà¥à¤®à¤¸à¤¾à¤—र जी महाराज के संघ में रह कर धरà¥à¤®-धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ साधॠसेवा करना।
पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ाचारà¥à¤¯- à¤à¤¾à¤°à¤¤à¤µà¤°à¥à¤· के सà¤à¥€ पà¥à¤°à¤¾à¤‚तों में जैन समाज के निमंतà¥à¤°à¤£ से पंच कलà¥à¤¯à¤¾à¤£à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ा आरà¥à¤· परंपरानà¥à¤¸à¤¾à¤° विधि विधान पूरà¥à¤µà¤• करा कर धरà¥à¤® पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ करना।Â
शà¥à¤°à¥€ à¤à¤¾à¤°à¤¤ वरà¥à¤·à¥€à¤¯ अनेकांत विदà¥à¤µà¤¤ परिषदः- अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· पद पर रह करके आचारà¥à¤¯ शà¥à¤°à¥€ विमल सागर जी महाराज की हीरक जयंती के शà¥à¤ अवसर पर उपाधà¥à¤¯à¤¾à¤¯ शà¥à¤°à¥€ à¤à¤°à¤¤ सागर जी महाराज की पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ आरà¥à¤¯à¤¿à¤•ा सà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤µà¤¾à¤¦à¤®à¤¤à¤¿ माता जी के निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¤¨ में 75 आचारà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤£à¤¿à¤¤ गà¥à¤°à¤¨à¥à¤¥à¥‹à¤‚ के पà¥à¤°à¤¬à¤‚ध समà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ का कारà¥à¤¯ किया
विदेशों में धरà¥à¤® पà¥à¤°à¤šà¤¾à¤°- विदेशों में रह रहे शà¥à¤°à¤¾à¤µà¤• शà¥à¤°à¤¾à¤µà¤¿à¤•ाओं ने पूजा अरà¥à¤šà¤¨à¤¾ हेतॠमनà¥à¤¦à¤¿à¤°à¥‹à¤‚ में पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ देकर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ा आप के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ ही समà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤ˆ आप अमेरिका, कनाडा, लंदन, जरà¥à¤®à¤¨, टरà¥à¤•ी, मैकà¥à¤¸à¤•ों आदि सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ में जा करके धरà¥à¤®à¥‹à¤ªà¤¦à¥‡à¤¶ दिया।
गà¥à¤°à¤¨à¥à¤¥à¥‹à¤‚ का समà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨à¤ƒ- आचारà¥à¤¯ धरà¥à¤® सागर अà¤à¤¿à¤µà¤‚दन गà¥à¤°à¤¨à¥à¤¥, जैन साधॠपरिचय, वारालà¥à¤¯ रतनाकर, बोलती माटी, रतनाकर की लहरें, आचारà¥à¤¯ शà¥à¤°à¥‡à¤¯à¤¾à¤‚स सागर सà¥à¤®à¥ƒà¤¤à¤¿ गà¥à¤°à¤¨à¥à¤¥, पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ापाठ, आदि अनेकों गà¥à¤°à¤¨à¥à¤¥à¥‹à¤‚ का लेखन और समà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ कारà¥à¤¯ किया।
अà¤à¤¿à¤°à¥à¤šà¤¿à¤ƒ- साधॠसेवा, समाज सेवा, धरà¥à¤® सेवा चिनà¥à¤¤à¤¨, लेखन पूजा विधान आदि।
समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤ƒ- à¤à¤¾à¤°à¤¤ वरà¥à¤· के सà¤à¥€ पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥à¤¤à¥‹à¤‚ में सामाजिक à¤à¤µà¤‚ धारà¥à¤®à¤¿à¤• कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ के सà¥à¤…वसर पर आपको समाज ने सारà¥à¤µà¤œà¤¨à¤¿à¤• अà¤à¤¿à¤¨à¤¨à¥à¤¦à¤¨ किया।
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