Paryavaran Nitishastra (Environmental Ethics)
Paryavaran Nitishastra (Environmental Ethics)
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परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£- नीतिशारतà¥à¤° अनà¥à¤ªà¥à¤°à¤¯à¥à¤•à¥à¤¤, नीतिशारतà¥à¤° का à¤à¤• अलग à¤à¤¾à¤— है जिसमें परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ समà¥à¤¬à¤‚धित समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ किया जाता है। पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• मेंलेखक ने उन कारणो की खोज करने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ किया है, जिनकें कारण आज यें समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हà¥à¤ˆ है। लेखक के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° मनà¥à¤·à¥à¤¯  अपने सà¥à¤µà¤¾à¤°à¥à¤¥à¤¹à¤¿à¤¤ के लिठपà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक संसाधनों के लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ का दà¥à¤°à¥à¤ªà¤¯à¥‹à¤— किया है। उसका परिणाम परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ समसà¥à¤¯à¤¾ है। लेखक ने पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ के अलावा सामाजिक, राजनैतिक, आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• आदि परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£à¥‹à¤‚ का à¤à¥€ उलà¥à¤²à¥‡à¤– किया है। परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का सरà¥à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤® समाधान सरà¥à¤µà¥‹à¤¦à¤¯ à¤à¤‚व अधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤® विचार को बतलाया गया है। लेखक ने उपयोगितावदा, कठोरतावदा आदि सिदà¥à¤§à¤¾à¤‚तो का à¤à¥€ उलà¥à¤²à¥‡à¤– किया है। ये पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• दरà¥à¤¶à¤¨à¤¶à¤¾à¤¸à¥à¤¤à¥à¤° के विदà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥à¤¥à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के साथ साथ आम जन के लिठà¤à¥€ उपयोगी साबित होगी। मानविकी संखà¥à¤¯à¤¾ के साथ साथ विजà¥à¤žà¤¾à¤¨, समाज विजà¥à¤žà¤¾à¤¨, à¤à¤‚व अनà¥à¤¯ सांखà¥à¤¯ के विदà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥à¤¥à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के लिठà¤à¥€ लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• सिदà¥à¤§ होगा। वसà¥à¤¤à¥à¤¤à¤ƒ पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• सारà¥à¤µà¤ªà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤¿à¤¯ है।
डॉ तिवारी ने रांची यूनिवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ से 1982 में पी-à¤à¤š- डी की उपाधि पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ की है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤¨à¥‡ तीन दरà¥à¤œà¤¨ से अधिक शोधचितà¥à¤°à¥‹ का सफल निरà¥à¤¦à¥‡à¤¸à¤¨ किया।
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डॉ॰ à¤à¤¨-पी- तिवारी ने पटना विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤²à¤¯ से बी-à¤- आनरà¥à¤¸ और à¤à¤®-ठकिया। जनवरी 1979 से जून 2016 तक पटना विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤²à¤¯ में कà¥à¤°à¤®à¤¶à¤ƒ असà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥‡à¤‚ट पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¸à¤°, à¤à¤¸à¥‹à¤¸à¤¿à¤à¤Ÿ पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¸à¤°, और पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¸à¤° के रà¥à¤ª में कारà¥à¤¯ किया। विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ राजà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ à¤à¤‚व अंतरà¥à¤°à¤¾à¤œà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ पतà¥à¤°-पतà¥à¤°à¤¿à¤•ाओं में अनेक दारà¥à¤¶à¤¨à¤¿à¤• और गैर दारà¥à¤¶à¤¨à¤¿à¤• रचनाà¤à¤‚ पà¥à¤°à¤•ाशत हà¥à¤ˆ है। डॉ तिवारी अनेक कॉनà¥à¤«à¥‡à¤°à¥‡à¤¨à¥à¤¸à¤¸, सेमिनार, वरà¥à¤•शॉप और विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ अकादमिक à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¤¿à¤œ में à¤à¤¾à¤— लेते रहें है। अà¤à¥€ à¤à¥€ उनकी ये à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¤¿à¤œ बंद नही है। 2011 में उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ इंडिया इंटरनेशनल फà¥à¤°à¥‡à¤‚डशिप à¤à¤¸à¥‹à¤¸à¤¿à¤¶à¤¨  नई दिलà¥à¤²à¥€ की ओर से शिकà¥à¤·à¤¾ रतà¥à¤¨ पà¥à¤°à¥‚सà¥à¤•ार पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ किया गया। 2016 में अखिल à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ दरà¥à¤¶à¤¨ परिजद ने उनकी पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• à¤à¤¾à¤·à¤¾ विशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤¨ (à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯) को पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ृत किया।
2018 में ततà¥à¤•ालीन कà¥à¤²à¤ªà¤¤à¤¿, पटना विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤²à¤¯ में डॉ॰ à¤à¤¨-पी- तिवारी को फिलोसोफी के सरà¥à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤® अधà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• की उपाधि का पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£à¤ªà¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ किया।
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